चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन

जनवरी 6-8, 2017  

मेजबान संस्था और सम्मेलन-स्थल
 गीतम विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थान,  गांधी नगर, ऋषिकोंडा, विशाखापट्टनम-530 045, भारत

 

The Fourth International Hindi Conference
JANUARY 6-8, 2017

 GITAM UNIVERSITY, Gandhi Nagar Campus, Rushikonda, Visakhapatnam - 530045.  Andhra Pradesh, INDIA
 

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों, एवं अन्य देशों के, जहाँ अहिंदी भाषियों को हिंदी पढ़ाई जाती है, शैक्षणिक विशेषज्ञों के बीच सम्बन्ध स्थापित करना है। इन देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, मॉरीशस, फिजी, कैरिबियन आदि भी शामिल हैं जहाँ हिंदी विरासत भाषा और विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है.
आइए, हम इस सम्मेलन के मूल विषय से सम्बंधित विषयों की छानबीन  करें:
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: परिप्रेक्ष्य,भाषा-योजना और विस्तार
सम्मेलन के दौरान 'हिंदी के प्रसार में विरासत भाषा के रूप में शिक्षण' पर विशेष ध्यान देते हुए इन विषयों पर सत्र आयोजित किये जायेंगे:

अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: सामग्री निर्माण और विकास
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: नई पद्धतियाँ 
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: तकनीकी विकास
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: योजना और विकास
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: साहित्य और संस्कृति
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: भाषा शिक्षण का अनुसन्धान
अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: भाषाविज्ञान और भाषा के अधिग्रहण का अनुसंधान

जब 'हिंदी इतर भाषियों को हिंदी सिखाने' की स्थिति को परिभाषित करना हो, तो यह ध्यान रखना आवश्यक है कि भाषा अधिग्रहण करने के लिए शिक्षार्थियों का हिंदी परिवेश से  परिचित होना ज़रूरी नहीं।

हिन्दी वैश्विक एवं स्थानीय संदर्भ में-अन्य भाषियों को हिन्दी सीखना निम्न संदर्भों  में परिभाषित किया गया है :
१.  शिक्षार्थी, जिन्हें हिन्दी या कोई और भारतीय भाषा की जानकारी नहीं है और जो हिंदी को हिन्दी भाषी परिवेश के बाहर सीख रहे हैं। 
२. भारतीय शिक्षार्थी जिनकी पहली भाषा हिन्दी से अलग है l
३. दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय के शिक्षार्थी, जिनके परिवार के सदस्य हिन्दी या कोई और भारतीय भाषा बोलते हैं l

 

सम्मलेन का विवरण

 गीतम विश्वविद्यालय ( http://www.gitam.edu/) के सभापति डॉ एम वी वी एस मूर्ति एवं लोक नायक प्रतिष्ठान के अध्यक्ष पद्मभूषण डॉ. लक्ष्मी प्रसाद यार्लागड्डा, आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम, के सक्रिय सहयोग से चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मलेन का आयोजन विशसखापट्टनम के गीतम विश्विद्यालय परिसर में 6  से 8  जनवरी, 2017 के दौरान हो रहा है। यह सम्मलेन हिन्दी भाषा के विद्वानों, प्रचारकों एवं प्रशासकों के बीच वार्तालाप शुरू करने का एक अनोखा मंच होगा। यहाँ हिंदी भाषा के विस्तार में भागीदारी एवं योजनाओं में सहयोग को नया आयाम मिलेगा जिससे हिन्दी शिक्षण का क्षेत्र विस्तृत और समृद्ध  होगा।  सम्मेलन में भाग लेने के लिए न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय, कोलंबिया, न्यू यॉर्क सिटी यूनिवर्सिटी, ड्यूक, नार्थ कैरोलाइना, पेन्न एस्टेट और केन, न्यू जर्सी जैसे प्रमुख अमरीकी विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक आ रहे हैं। इनके आलावा भारत की अग्रणी शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी अपने प्रपत्र प्रस्तुत करेंगे। 
यह सम्मलेन भारत के हिन्दी भाषी इलाकों के बाहर एवं प्रवासी समुदाय में हिन्दी भाषा के शिक्षण के क्षेत्र को आगे बढ़ने के साथ साथ विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों में भाषा सिखाने और सीखने के महत्त्वपूर्ण सवालों को समझने में सहायता करेगा। 

 

HOST INSTITUTION and VENUE
GITAM University, Gandhi Nagar Campus, Rushikonda
Visakhapatnam-530 045, Andhra Pradesh, India

The conference aims to create a bridge between the pedagogical experts of the Hindi language taught to speakers of other languages (THSOL) in India and particularly in the non- Hindi speaking areas of India, and the pedagogical experts and instructors in the USA and the rest of the world, including the South Asian diaspora (Canada, England, Mauritius, Fiji, etc.), where Hindi is mostly taught as a heritage language as well as a foreign language.

JOIN US TO EXPLORE THE THEME
"Teaching Hindi To Other Language Speakers (THSOL): Pedagogical Perspectives, Language Planning and Program Development". 

अन्य भाषियों को हिन्दी शिक्षण: परिप्रेक्ष्य,भाषा-योजना और विस्तार

The Academic Committee invites proposals on the following topics:

Teaching Hindi as a Heritage Language in the Diaspora
THSOL: Material development
THSOL: Innovative strategies
THSOL: Technological advancement
THSOL: Planning and Development
THSOL: Literature and Culture
THSOL: Research on Language Pedagogy
THSOL: Linguistics and Language Acquisition Research

"Hindi to Speakers of Other Languages" is a term which applies to learners of Hindi as another language, regardless of whether the language is acquired with or without the exposure of the target environment.

Hindi in global and local context: Teaching Hindi to Speakers of Other Languages (THSOL) is defined in the context of: 

a) The learners in India whose first language is another Indian language 

b) The learners from the heritage communities in the South Asian Diaspora whose family members speak Hindi or other Indian languages. 

c) The learners of the language who have not had any exposure to Hindi or other Indian languages and study the language outside the Hindi speaking environment.


Important message from academic committee:

The last date for submission of papers-November 15, 2016. 
Submission of abstract does not guarantee acceptance. 
Presenters and speakers are selected after evaluation of abstracts.


Conference Description

The Fourth International Hindi Conference is the result of a new initiative, introduced in the field of Hindi language education which aims to create a bridge between the pedagogical experts of the Hindi language taught as a second or foreign language in India and particularly in the non-Hindi speaking areas of India, and the pedagogical experts and instructors in the USA and the rest of the world, including the South Asian diaspora (Canada, England, Mauritius, Fiji, etc.), where Hindi is taught as a heritage language as well as a foreign language internationally. 

The President of GITAM University (http://www.gitam.edu/), and Padma Bhushan Dr. Laxmi Prasad Yarlagadda, Andhra University and President, Lok Nayak Foundation, have agreed to host the Fourth International Hindi Conference in Vishakhapatnam. It will provide a unique forum for a dialogue among Hindi scholars and administrators and will allow for partnerships and project collaborations to be formed with the goal to expand, enrich and promote further the field of Hindi education. This initiative has the active support of faculty from leading US Universities, such as New York University, Columbia University, Yale University, Syracuse University, City University of New York, Pennsylvania State University and others. 

This conference will not only further the field Hindi language teaching outside of the Hindi belt of India and in the diaspora, it will contribute to understanding wider questions of teaching and learning of language in complex socio-linguistic contexts.

ORGANIZED BY:

HINDI SANGAM FOUNDATION, NJ, USA

HINDI SANGAM FOUNDATION, NEW DELHI, INDIA

LOK NAYAK FOUNDATION, VISHAKHAPATNAM, AP, INDIA

SUPPORTED BY:

Scholars from: New York University, Columbia University, Yale, UPenn, University of North Carolina, UCLA, GITAM, Andhra University, Krukshetra University, Kumaon University, Uttarakhand Open University and others. 

Organizing Committee
International Hindi Conference, 2017

प्रमुख संरक्षक: राजदूत श्री ज्ञानेश्वर मुळे, सचिव, (सी पी वी और ओ आई ए), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली

Chief Patrons: 

Shri D.M.Mulay, Secretary (CPV&OIA);
Dr. M. V. V. S. Murthi, President, GITAM University

आचार्य एम. वी. वी. एस. मूर्ति, अध्यक्ष, गीतम विश्वविद्यालय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गाँधी नगर, ऋषिकोंडा, विशखापट्टणम, आंध्र प्रदेश, भारत;

सभापति, आयोजन समिति: पद्म भूषण आचार्य लक्ष्मी प्रसाद यरलागड्डा, आंध्र विश्वविद्यालय, तथा अध्यक्ष, लोक नायक प्रतिष्ठान, विशाखापट्टणम, भारत

Chairman, Organizing Committee:
Professor Laxmi Prasad Yarlagadda, Padma Bhushan Awardee and
President, Lok Nayak Foundation, Vishakhapatnam, India

अंतर्राष्ट्रीय संयोजक: अशोक ओझा, हिंदी संगम प्रतिष्ठान, न्यू जर्सी, यू एस ए

International Coordinator:
Mr. Ashok Ojha, Managing Trustee, Hindi Sangam Foundation, USA

अकादमिक संयोजन: प्रोफेसर गैब्रिएला निक इलेवा, न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय, यूएसए

Academics Committee Chairperson:
Professor Gabriela Nik Ilieva, New York University, USA

स्थानीय संयोजक (भारत): प्रोफेसर के शिव रामाकृष्णा, प्रति-उपकुलपति, गीतम विश्वविद्यालय, प्रोफेसर एस ए सूर्यनारायण वर्मा, आंध्र विश्वविद्यालय, विशखापट्टणम, भारत

Coordinator (India): Professor K. Siva Rama Krishna, Pro-Vice-Chancellor, GITAM; Professor S. A. Suryanarayana Varma, Andhra University, Vishakhapatnam, India

स्थानीय सह-संयोजक (भारत): आचार्य वेणबल्लभ राव, आंध्र लोयोला कॉलेज, विजयवाड़ा, आचार्य डी. सत्यलता, आंध्र विश्वविद्यालय, विशखापट्टणम, भारत

Co-coordinators (India): Dr. Vennaballabh Rao, Andhra Loyala College, Vijayawada, AP; Dr. D. Satyalatha, Andhra University, Vishakhapatnam, India


To Register:

All participants, speakers and invited guests are requested to register by November 30, 2016. Register here for the conference.

Suggested
registration donation (पंजीकरण अनुदान राशि):
(This amount is accepted as a donation to Hindi Sangam Foundation for the purpose of administrative expenses of the organization, which is a non-profit group based in USA and also in India. The Foundation has a mandate to carry out educational and academic activities to promote Hindi in the Indian Diaspora). 
For Indian participant payable on IHC website through GITAM payment gateway, (please follow instruction through make payment tab below and n registration page.)Teachers and professionals: Rupees two thousand five hundred (Rs. 2,500/-)
Research scholars receiving grants: Rupees two thousand five hundred (Rs. 2,500/-)
Students who are not receiving grants: Free (must produce letter from their department head confirming they are not receiving any grant).
(For participants from outside of India):US Dollars One Hundred (US $ 100 payable to Hindi Sangam Foundation, USA).
Participants from outside of India may please mail your check to: Hindi Sangam Foundation, 4 Melville Road, Edison, NJ 08817, USA.

FOR MORE INFORMATION or QUESTIONS, WRITE TO: hindiconferencenyc2014@gmail.com


भारतीय और गैर भारतीय पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए आवश्यक सन्देश

कृपया पेमेंट गेटवे का प्रयोग कर अपना पंजीकरण शुल्क (रुपए २,५००/- या अमेरिकी डॉलर 100/-) क्रेडिट कार्ड से जमा करें।

 

यदि

आपने पंजीकरण कर लिया है या करने जा रहे हैं तो कृपया इस लिंक
Make Payment के माध्यम से अनुदान राशि भी जमा कर दें।  
जिन शोध छात्रों को कोई अनुदान प्राप्त नहीं होता वे अपने विभागाध्यक्ष से इस आशय का पत्र ईमेल (hindiconferencenyc2014@gmail.com) से प्रेषित करें ताकि उनका पंजीकरण शुल्क माफ़ किया जा सके। 

Important message for all participants

The payment gateway is now activated. Please pay your Suggested Registration

Donation following this link.

All participants including research scholars receiving grants are requested to please pay your Suggested registration

Donation of (Rs. 2,500) Rupees two thousand five hundred by credit card using Make Payment link.
Research scholars not receiving any grant must provide a letter of this effect from their department head send by email to: hindiconferencenyc2014@gmail.com
in order to get exempted from paying the Suggested registration Donation.
Your registration is complete after your payment is received.

 

 

To Sponsor: (for Indian businesses and institutions)

For sponsoring opportunities click here.

Grand Sponsor: The Grand Sponsor contributes Rupees 1, 51, 000 and is entitled for: a special memento and honor at the conference events; publication of sponsors’ business/organization on conference banners, table space for presenting products and services and a one page sponsored content in the conference souvenir and the web site.

Gold Sponsor: The Gold Sponsor contributes Rupees 1,01,000 (Rupees One Lakh and is entitled for: Table space for presenting products and services; receiving a plaque at the concluding event; One page sponsored content in the conference souvenir and the web site.

Silver Sponsor: The Silver Sponsor contributes Rupees 51,000 and is entitled for: Certificate of Participation; One full page sponsored content in the conference souvenir and the on the web site.

Advertisers: RATES (in Indian Rupees)-Full page (color): Rupees 51,000; Full page (black/white): Rupees 35000; Half page (color): Rupees 35,000; Half page (Black/white): Rupees 25,000.00; Quarter page (color): Rupees 15000; Quarter page (B&W): Rupees 10,000.

Souvenir Publication Date: January 6, 2017

(Press ready artwork submission dead line: December 15, 2016)

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Advertisers in India may send their content for the souvenir by e-mail and send the payment for the same to the address below. Please make the check payable to: Hindi Sangam Foundation Hindi Conference 2017 Please mail your print ready material to: hindiconferecenyc2014@gmail.com

Check mailing address:

Hindi Sangam Foundation, B 204, Media Housing Society, Plot 18 A, Sector 7, Dwarka, New Delhi 11007



Letter of support from Rajbhasha implementation Committee

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