अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन
रटगर्स यूनिवर्सिटी, न्यू जर्सी, अप्रैल 3-5, 2015

International Hindi Conference
Rutgers University, New Jersey, April 3-5, 2015

Come and Join the 2nd International Hindi Conference



आयोजकों की तरफ से
आदरणीय हिंदी सेवी विद्वान, प्राध्यापक, एवं प्रतिनिधिगण:

द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन के इस शुभ अवसर पर रटगर्स विश्वविद्यालय के प्रांगण में अमेरिका, कनाडा, भारत और अन्य देशों से पधारे सभी साथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। सन २०१४ से न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय से प्रारम्भ हुआ हिंदी का अभियान आज न्यू जर्सी के भारतीय समाज के साथ जुड़ कर नई दिशा और नई गति पकड़ रहा है, यह हम सबके लिए गर्व का विषय है।  


यह सम्मलेन विश्व में हिंदी के पठन पाठन का सिलसिला तीव्र गति से आगे बढ़ाने और प्रवासी समुदाय के सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक जीवन में हिंदी का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील हम सभी हिंदी कर्मियों के लिए एक अभिनव अवसर प्रदान करता है। अगले दो दिनों में हम तकनिकी, वैज्ञानिक और उच्च शिक्षा में हिंदी का प्रयोग और चुनौतियों पर गहन चर्चा के अतिरिक्त उद्योग, व्यवसाय-वाणिज्य उद्यमियों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने के उद्देश्य से त्वरित पाठ्यक्रम की रचना जैसे मुद्दों पर भी विचार करेंगे। प्रसन्नता की बात है कि हमारे बीच भारत के प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों में कार्यरत विशेषज्ञ उपस्थित हैं, जिनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसके आलावा कविता, कहानी, रंगमंच और नृत्य से संबंधित सहकर्मी भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस विविधता के साथ सम्मेलन भारतीय प्रवासी समाज का आवश्यक अंग बन कर हिंदी प्रसार का अभियान आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प है। सम्मेलन का एक लक्ष्य यह है कि हम प्रवासी समाज की नई पीढ़ी के लिए सामायिक शिक्षा सामग्री का भंडार तैयार कर सकें, जिसके लिए भारत सरकार और भारत में कार्यरत शिक्षा संस्थानों का सहयोग आवश्यक होगा। दिल्ली के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से पधारे हिंदी विद्वान और विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करने का हमारा प्रयत्न होगा।

हिंदी को आगे बढ़ाने की दिशा में यह सम्मेलन वार्षिक गतिविधि का स्वरुप ले रहा है। इसकी संरचना अपने आप में एक अभिनव प्रयोग है, जिसमें शिक्षाविद और प्राध्यापकों के अतिरिक्त सरकारी तंत्र, व्यापार-वाणिज्य आदि क्षेत्रों में कार्यरत लोग एक साथ एकत्र हो कर इक्कीसवीं सदी और उसके आगे भी हिंदी को विश्व की समृद्ध भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए कार्य कर सकते हैं। यह दृष्टि हिंदी शिक्षा के लिए संसाधन-सामग्री का भंडार खड़ा करने के साथ साथ हिंदी कर्मियों के लिए बहुआयामी अवसर प्रदान करने में भी सक्षम है। मुझे यह कहते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि माननीय कोंसुलाधीश राजदूत ज्ञानेश्वर मुळे जी के नेतृत्व में भारत और अमेरिका के हिंदी कर्मियों का संगठित प्रयास इस सम्मेलन के मंच से सफलता की तरफ बढ़ रहा है। हमें विश्वास है कि भारत सरकार हिंदी प्रसार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए वचनबद्ध है, वह शिक्षा के लिए आधुनिक योजनाओं को संपन्न करने के लिए हमें सहयोग देने से पीछे नहीं हटेगी। सम्मेलन का एक प्रमुख सत्र है, हिंदी केंद्र की स्थापना का, जिसके समर्थन में 2014 के न्यूयॉर्क सम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ था। आगामी 5 अप्रैल को कौंसुलाधीश श्री मुळे के नेतृत्व में आयोजित सत्र में हिंदी केंद्र की कल्पना साकार करने की विस्तृत परियोजना डॉ वेद चौधरी प्रस्तुत करेंगे, जिस पर विचार कर हम उसे मूर्त रूप देने की तरफ अग्रसर होंगे।  इस दिशा में समाज के समर्थ लोगों का सहयोग अत्यंत वांछनीय होगा। 

साथियो! हिंदी संगम की स्थापना इसी उद्देश्य से हुई है कि हम हिंदी शिक्षा और प्रसार के लिए उपलब्ध सहयोग के सभी अवसरों का लाभ उठाएं, ताकि आने वाले दिनों में हिंदी न सिर्फ स्कूल, कॉलेज में अध्ययन के लिए, वरन, समाज के हर क्षेत्र में प्रदर्शित हो। अमेरिका में अनेक स्तरों पर यह प्रयास जारी है। स्टारटॉक कार्यक्रम एक ऐसा ही सरकारी उपक्रम है जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने हिंदी जैसी अनेक भाषाओं के प्रसार के लिए निर्देशित किया है। स्टारटॉक कार्यक्रम से जुड़े होने के कारण मैं कह सकता हूँ कि हमारा एक लक्ष्य भाषा को सामाजिक गतिविधियों का अंग बनाना भी है।

 

 

यह सम्मेलन रटगर्स विश्वविद्यालय, भारतीय कोंसुलावास और हिंदी से जुड़ी अनगिनत संस्थाओं के बीच एक सेतु बन कर कार्य कर रहा है। संगम के इस शैशव काल में हमें आप सबसे बहुत कुछ सीखना है और जहाँ भी त्रुटियाँ रह गयी हों, हम आपसे मार्गदर्शन की अपेक्षा करते हैं।  

अंत में हम आयोजकों की तरफ से उन सबके प्रति, जिन्होंने सम्मलेन की सफलता के लिए अपना बहुमूल्य समय और संसाधन उपलब्ध कराया, हृदय से आभार व्यक्त करना चाहते हैं, विशेष तौर पर, टीवी एशिया के अध्यक्ष आदरणीय एच आर शाह और सहकर्मी, भारतीय विद्या भवन के न्यासी डॉ नवीन मेहता और संगम का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ समाज सेवी डॉ बिजय मेहता, डॉ वेद चौधरी, और पूर्णिमा देसाई के प्रति। भारत के उप-प्रधान कौंसुल डॉ मनोज कुमार महापात्र और सहकर्मी, स्टेट बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, एयर इंडिया, स्थानीय उद्यमी कर्नल वीरेंद्र तेवतिया और सीमा जगतियानी, जुनेद क़ाज़ी-आप सबने ने सदा उत्साह बढ़ाया है, जिसके लिए हम आपके आभारी हैं। रटगर्स विश्वविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ शाहीन परवीन जी के साथ मिलकर हमने आयोजन की हर छोटी बड़ी इकाइयों को संगठित किया, जिनमें विश्वविद्यालय के अफ़्रीकी एवं मध्यपूर्व और दक्षिण एशियाई भाषा और साहित्य विभाग के अध्यक्ष डॉ चार्ल्स हेबर्ल और दक्षिण एशिया शिक्षा कार्यक्रम के निदेशक डॉ आशेर घेटनर जी सदा मार्गदर्शन करते रहे।  हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि हम रटगर्स की अपेक्षाओं और उम्मीदों पर खरे उतरें। सम्मलेन की रूपरेखा तैयार करने में न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका प्रोफ़ेसर गैब्रिएला निक इलेवा जी से महत्वपूर्ण सलाह और सहयोग प्राप्त होता रहा है, साथ ही, हम आदरणीय सुरेन्द्र और विजय गंभीर जी के मार्गदर्शन के लिए अत्यंत आभारी हैं, जो हमारे भाषाई प्रशिक्षण के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए सदा उपलब्ध रहते हैं।  

आशा और विश्वास की नैया में बैठ कर आओ चलें चुनौतियों की लहरों से खेलें।
धन्यवाद!

अशोक ओझा (संसाधन संयोजक)
डॉ शाहीन परवीन (अकादमिक संयोजक)
हिंदी संगम आयोजन समिति


On behalf of the organizing committee of International Hindi Conference, Americas, we wish you all a very happy and prosperous new year.

We have received registration requests from a considerable number of Hindi supporters, which
is a very encouraging for us. We would like to inform you that the organizing committee is working hard preparing for a successful conference:

  • In our recent meeting with Hon. Ambassador Dnyaneshwar Mulay, Consul-General of India, New York, it was decided to hold an exclusive session for students of High and Middle Schools. The participating students will select their agenda for the session and will conduct, discuss and recommend suggestions for challenges for Hindi learning. Prior to the conference student will be invited to participate in a writing competition. The top three winners will be awarded cash prizes by the Consul General. An advisory will be sent to parents and teachers soon.
  • We will hold sessions on topics such as,  ‘Hindi in higher education’, ‘Expanding the use of Hindi in businesses and commerce’, ‘Community support for Hindi’, 'Current status of the teaching and learning of Hindi’, ‘Individual and organizational partnerships and leadership’, ‘professional development of teachers’, etc.

IHC 2015 sessions reflect a variety of formats, including workshops, panels, plenaries, screenings and discussion groups, etc. It will take place on Friday, April 3, 5-8pm, Saturday, April 4, 9-5 pm and Sunday, April 5, 9-3pm.

We invite you to participate in conference activities and contribute to its success. Please visit the following link to register. http://www.hindiconferenceamericas.com/register/
 

We have special accommodation offer just for conference participants. See details here.

Registration includes admission to:

  • all sessions
  • cultural evening shows
  • inaugural vent and dinner, April 3
  • breakfast, lunch, afternoon tea and dinner on April 4th
  • breakfast and lunch on April 5th

The theme of the conference is: The Expanding World of Hindi: Possibilities and Challenges, which reflects the growing urgency for coordinated efforts by the language education (public and private), government and business communities to expand and develop the quality of the Hindi field inside and outside of India.

This conference will provide a forum for community members and leaders, language experts, policy makers, education administrators, advocates and other stakeholders from different parts of the U.S., Canada, South America and Caribbean countries, such as, Trinidad and Tobago along with experts from India to get together and share their views and research, examine a wide spectrum of opportunities, make plans for the future, identify challenges and find solutions for the advancement of the Hindi language in North America and the Caribbean region.

The International Hindi Conference 2015 (IHC 2015) is committed to reflecting the interests and ideas of education, business, government and community members to help ensure engaging, relevant content and encourages individuals and organizations to submit ideas for consideration.

Please write to hindiconferencenyc2014@gmail.com for more information.

Thank you for your support.

Warm Regards,

Ashok Ojha, Coordinator, Logistics
Dr. Shaheen Parveen, Coordinator, Academics

 


LIVE WEBCAST: We are working towards live broadcast of Conference. Barring any unforeseen circumstances, you will be able to watch the proceedings right from your home, anywhere in the world. All you need is an internet connection on your computer or a smart phone.

Details about the link to watch will be posted here on the home page a few hours before the event starts. So check back again on April 3rd, 5PM Eastern Standard Time (New York).



MESSAGE FROM THE Hon Dnyaneshwar Mulay, Consul General of India, New York

संदेश

संस्कृत की एक लाड़ली बेटी  है ये हिन्दी।
बहनों को साथ लेकर चलती है  ये हिन्दी।
पाथेय   है, प्रवास  में, परिचय  का  सूत्र है,
मैत्री  को  जोड़ने  की  सांकल है  ये हिन्दी।
अंग्रेजी  से  भी   इसका  कोई   बैर  नहीं  है,
उसको भी अपनेपन से लुभाती है ये हिन्दी।
यूं   तो   देश   में   कई    भाषाएं   और    हैं,
पर  राष्ट्र  के  माथे की  बिंदी  है  ये  हिन्दी।

सुश्री मृणालिनी घुले की इस कविता की अंतिम दो पंक्तियों में “देश” के साथ “विदेश” एवं “राष्ट्र” के स्थान पर “विश्व” कर दिया जाये, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। पंक्तियाँ बन जाएँगी :

यूं  तो  देश-विदेश  में  कई  भाषाएं  और   हैं,
पर   विश्व  के  माथे  की  बिंदी  है ये हिन्दी।

मुझे यह जानकर अति प्रसन्नता है कि  हिंदी, हिंदी-दिवस, हिंदी -सम्मलेन अपनी जन्म-भूमि से हजारों किलोमीटर दूर आज की तारीख में न सिर्फ बीज रूप में है, वरन एक पौध के रूप में विकसित हो चुकी है। 2007 में न्यूयॉर्क में "विश्व हिंदी सम्मलेन", 2014 में अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रीय हिंदी सम्मलेन और इस वर्ष पुनः लगातार दूसरे साल अमरीकी महाद्वीप का अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन का यहाँ आयोजित होना, संयुक्त राज्य अमरीका और भारत के मित्रवत सम्बन्ध में उत्तरोत्तर विकास का द्योतक है।

आज जब भारत विश्व में सांस्कृतिक सम्मान के साथ-साथ आर्थिक एवं वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, तो ऐसे में हिंदी भाषा का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

न्यूयॉर्क-स्थित भारतीय कोंसुलावास, न्यूजर्सी-स्थित रटगर्स विश्वविद्यालय एवं 'हिंदी संगम' के संयुक्त प्रयास से हो रहे हिंदी सम्मलेन के प्रति हिंदी प्रेमियों की दृष्टि उत्सुकतापूर्वक टिकी हुई है। 'हिंदी संगम' मात्र कुछ हिंदी संस्थाओं के गंगा-यमुना-सरस्वती - के संगम के लिए ही प्रयत्नरत न रहकर एक विशाल ह्रदय महासागर का स्थान ग्रहण करे - यह मेरी शुभकामना है।

वर्त्तमान सरकार के हिंदी प्रोत्साहन, पाकिस्तान और अफ़ग़निस्तान के राष्ट्राध्यक्षों से हिंदी में वार्तालाप, संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रधान मंत्री श्री मोदी जी का हिंदी में व्याख्यायन, अपनी पद -गोपनीयता के शपथ के दौरान सार्क देशों के अतिथियों से हिंदी में वार्तालाप, भारत के गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर अमरीकी राष्ट्रपति श्री ओबामा-द्वारा हिंदी के शब्दों का प्रयोग इत्यादि हाल के समाचार हिंदी के लिए सुखद हैं।  मैं विश्व के इस गोलार्ध में बसे सभी भारतीयों एवं अन्य हिंदी प्रेमियों को यह  कहना चाहता हूँ -

हिंदी प्रेमियों  तुम बढे चलो, धैर्य धर बढे चलो !
सामने पहाड़ हो, किसी और भाषा की दहाड़ हो !
मगर तुम रुको नहीं जब तक न हिंदी-केंद्र हो !!

मैं अमरीका-कनाडा-कैरिबियन देशों के लोगों का हिंदी के प्रति आदर देखकर बहुत उत्साहित हूँ और सभी का सम्मान करता हूँ। आप हिंदी सम्मलेन की सफलता के द्वारा दोनों देशों के बीच मैत्री-सेतु को सुदृढ़ करें, यही मेरी शुभकामना है और विश्वास भी ।


                                                                                                                                                                                            ज्ञानेश्वर एम मुले
                                                                                                                                                                                                कौंसल जनरल


Conference Highlights

April 3rd: Pre-Conference STARTALK Workshop (2 PM- 4PM)
Yuva Hindi Sansthan Presents: The pre-conference STARTALK workshop on World Readiness Standards for Hindi-Urdu
By Dr. Vijay Gambhir, University of Pennsylvania
Specially designed for Hindi-Urdu instructors, administrators, material developers
Location: LLB 104 Building # 3036, 20, Seminary Place, College Avenue, New Brunswick, NJ.

April 3rd: Inaugural Event (5PM - 9PM)
Inauguration by Hon Dnyaneshwar Mulay, Consul General of India, New York
Keynote Speaker: Padma Shri Vindo Dua, well-known journalist via skype
Location: Rutgers University, Trayes Hall - Douglass Campus Center, 100 George St, New Brunswick, NJ 08901

April 4th: Other renowned speakers:
Dr. Mary Curran, Associate Dean, Graduate School of Education, Rutgers University
Hindi in Higher Education: Official perspective from India
Prof. Keshri Lal Verma, Chairman, Commission for Scientific & Technical Terminology & Director, Central Hindi Directorate
Dr. Kamal Kishor Goyanka, Vice Chairman, Central Hindi Institute
Location: Rutgers College Avenue Student Center, 126 College Avenue, New Brunswick, NJ 08901.

April 5th: Keynote Speaker
Dr. Christi Merrill, Associate Professor of South Asian Literature and Postcolonial Theory, Asian Languages and Cultures and Comparative Literature; Associate Chair, Center for South Asian Studies, University of Michigan.
Location: Rutgers College Avenue Student Center, 126 College Avenue, New Brunswick, NJ 08901.

 

Note: April 4th (Sat) and 5th (Sun):
All Sessions will take place at Rutgers College Avenue Student Center, 126 College Avenue, New Brunswick, NJ 08901. For details please visit: Agenda and Venue pages of this site.


 

CHeck out our Speakers

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Rutgers University is Our Host

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TO ALL SCHOLARS AND PROPOSAL WRITERS:

Thank you for your proposal. Due to the overwhelming response to our request for submitting proposals we are not able to consider all submissions. Authors of approved proposals are being contacted by email. Thank you.


The conference is being organized by the Indian American community in New Jersey in collaboration with Consulate General of India, New York, Hindi Sangam Foundation, Rutgers University and supported by a number of universities and institutions.